राहु और केतु 18 महीने के बाद राशि परिवर्तन कर रहे हैं। राशि परिवर्तन करके राहु तुला राशि से कन्या राशि में और केतु मेष राशि से मीन राशि में प्रवेश कर गए हैं।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह आकाशीय स्थिति कई राशियों पर बुरा प्रभाव डालेंगे। राहु ने 12 जुलाई को 9.20 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश किया है और मंगल के साथ युति की है। यह स्थिति 14 जुलाई को दोपहर 11.00 कुछ मिनटों तक रहेगी।
ज्योतिषाचार्य पं. विष्णुदत्त सरस ने बताया कि जब ग्रह मनुष्य की राशि से चौथे, आठवें और 12वें स्थान पर होते हैं तो उस जातक के लिए अशुभ होते हैं। अब तक तुला राशि में राहू कर्क, मीन और वृश्चिक राशि वालों के लिए अशुभ फलदायी थे।
अब कन्या राशि में राहु प्रवेश करने से मिथुन राशि, कुंभ राशि और तुला राशि के जातकों को खराब फल देंगे। यह आकाशीय स्थिति 18 महीनों तक रहेगी। जब राहू आकाश में विपरीत स्थिति में हैं और जिनकी राशि से चौथे घर में स्थित होते हैं तो उस जातक के लिए भूमि, वाहन और माता के सुख में कमी लाते हैं।
जिनके आठवें घर में स्थित होंगे उनको शारीरिक कष्ट, ऑपरेशन चीरफाड़ चोट आदि का भय रहेगा, और 12वें स्थान में स्थित होंगे तो आय से अधिक व्यय होगा या धन का हानि होगी। पंडित सरस ने बताया कि जिनका राहु विपरीत स्थान में है उन्हें बुधवार और शनिवार को शांति के उपाय करना चाहिए।