अगर कोई लड़की शारीरिक संबंध बनाने के लिए सहमति नहीं देती तो इसे उसका इंकार माना जाए। यह टिप्पणी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाते हुए की है।
दोषी ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया था। तीस हजारी अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने पहाड़गंज निवासी राजीव मौर्य को दुष्कर्म धमकी देने का दोषी ठहराते हुए दस साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने पीड़िता को मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेेवा प्राधिकरण
को दिया है। अभियोजन के मुताबिक पीड़िता ने पहाड़गंज थाने में दुष्कर्म की
शिकायत में कहा था कि वह और मौर्य पड़ोसी थे और नवंबर 2013 में दोनों की
दोस्ती हो गई।