इसके विरोध में लोग हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर ब्रिटिश उच्चायोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने 'भारत हमारा स्वाभिमान है' के नारे लगाए और कहा- वे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा नेता मंजिंदर सिरसा ने कहा भारत के सिखों ने ब्रिटिश उच्चायोग में इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से विदेशों में बैठे सभी भारत विरोधी तत्वों को एक जोरदार और स्पष्ट संदेश दिया है।
उन्होंने कहा, सिख समुदाय के लोगों ने विदेशों में जाकर अपने अच्छे कामों से देश को गौरवान्वित किया है पर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारत-विरोधी एजेंसियों के इशारों पर काम करते हुये ऐसी हरकतें करते हैं जिससे भारत में बैठे सिखों को दुख भी होता है और अफ़सोस भी। भारत हमारा स्वाभिमान है और हमारा तिरंगा हमारी शान है।
सरकार ने ब्रिटिश उच्चायुक्त को किया तलब
वहीं लंदन में हुई घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की उच्चायुक्त को तलब किया है और लंदन में हुई घटना पर नाराजगी जाहिर की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि जिस वक्त भारतीय उच्चायोग परिसर में यह घटना हुई, उस वक्त वहां से सुरक्षाकर्मी पूरी तरह से नदारद थे। इसे लेकर ब्रिटिश उच्चायुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सरकार ने कहा है कि यह विएना कन्वेंशन का भी उल्लंघन है। सरकार ने ब्रिटिश उच्चायुक्त से घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।