रोगी मस्तिष्क को भी स्वस्थ बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रोटोकॉल तैयार होगा। इसकी मदद से समय पर रोग की पहचान, उसकी रोकथाम, रोग को लेकर लोगों के बीच जागरूकता, उचित इलाज और उपचार के बाद मरीज के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाएगा।
देश में स्ट्रोक के मामले दोगुने हुए
पश्चिमी सहित कई देशों में स्ट्रोक के मामले तेजी से घट रहे हैं, लेकिन देश में यह मामले दोगुने हो गए हैं। यह एक निवारक रोग है, यदि इस पर ध्यान दिया जाए तो ऐसे मामलों को होने से पहले रोका जा सकता है। लेकिन देश में कारणों से यह बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी संख्या युवाओं में होने वाली घटनाएं हैं। केंद्रीय टास्क फोर्स इसे लेकर विशेष रूप से काम करेगी।
इस बीमारी से पीड़ित रखें खास ध्यान
रखें इसका विशेष ध्यान
अर्थव्यवस्था को नुकसान
डॉॅक्टरों का कहना है कि मस्तिष्क से जुड़े रोग अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। इनसे जुड़े रोग दिव्यांगता के लिए प्रमुख कारण बनता है। साथ ही इन रोगों से मौत होने की घटनाएं भी बढ़ जाती है। यह दिव्यांगता के साथ मरीज की मौत का प्रमुख कारण है। इन रोगों के कारण न केवल मरीज परेशान होता है बल्कि पूरा परिवार आर्थिक व मानसिक रूप से प्रभावित होता है।