जीएसटी की एसआईबी (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम ने बुधवार दोपहर को जरोठी मार्ग स्थित एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा। कंपनी के डायरेक्टर पूर्व आईएएस दिनेश गोयल सहित सात और अन्य डायरेक्टर हैं। टीम ने रात आठ बजे तक कार्रवाई करते हुए 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। टीम द्वारा देर रात तक कार्रवाई जारी थी।
डिप्टी कमिश्रर बीके दीपांकर ने बताया कि बुधवार को तीन गाडिय़ों से 15 सदस्यीय टीम जरोठी मार्ग स्थित ग्रीन पार्क कालोनी में पहुंची। यहां पर एचजी इंफ्रा इजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का कार्यालय है। कार्रवाई के दौरान मौके पर तीन लोग मिले। मौके से लैपटॅाप और दस्तावेज जब्त करते हुए जांच की गई। जांच में सामने आया है कि कंपनी द्वारा उत्तर प्रदेश में नेशनल हाईवे, रेलवे के निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर किए जा रहे हैं।
जिसमें कंपनी द्वारा हापुड़ -मुरादाबाद नेशनल हाईवे, जोया हाईवे, रेलवे में कानपुर लाइन और इसके अतिरिक्त भी अन्य प्रोजेक्ट गतिमान है। उन्होंने बताया कि फर्म का मुख्य कार्यालय जयपुर में स्थित है। कंपनी में सेवानिवृत्त आईएएस दिनेश गोयल, महाराष्ट्र के दो, उड़ीसा के दो समेत सात डायरेक्टर हैं। कार्रवाई में अस्सिटेंट कमिश्रर वंदना ङ्क्षसह, सुनील डागर, अलका रानी आदि शामिल रहे।
डमी और बोगस फर्म बनाकर कर रहे थे चोरी
कंपनी द्वारा दर्जनों डमी और बोगस फर्म बनाई गई थीं, जिसके माध्यम से लगभग 25 करोड़ की फर्जी आइटीएस क्लेम करके जीएसटी की चोरी की गई थी। उन्होंने बताया कि कंपनी का कार्यालय एक किराए के भवन में संचालित था, जिसमें मात्र तीन लोग ही रह रहे थे। इसमें कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर भी शामिल हैं।
शहर में बढ़ रहे बोगस फर्मों से जीएसटी चोरी के मामले
हापुड़ में जीएसटी की चोरी के बड़े मामले में पहले भी पकड़े जा चुके हैं। हालांकि अभी तक फैक्टरियों पर ही कार्रवाई की जा रही थी। पहली बार किसी बड़ी निर्माण कंपनी पर इस प्रकार की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की माने तो यह जांच लंबी चलेगी और इसमें बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी जा सकती है।