आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं। पहले 21 संसदीय सचिवों की सदस्यता पर खतरा, तो अब 27 अस्पताल रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष के मामले ने दिक्कत और बढ़ा दी है।
वहीं, उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय शुंगलू कमेटी को 6 अतिरिक्त हफ्ते देने और कुछ मामलों की सीबीआई प्रक्रिया शुरू करने के एलान के बाद बिना उपराज्यपाल के मंजूरी वाले प्रोजेक्ट से अधिकारियों ने भी हाथ खींच लिए हैं।
इससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ ही रही हैं। समिति की रिपोर्ट आने को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं, उससे सरकार और उपराज्यपाल की तकरार और बढ़ने के साथ-साथ कई फैसले न्यूनतम मजदूरी और वक्फ बोर्ड की तरह रुक सकते हैं।
एमसीडी चुनाव पर भी दिखेगा असर
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इसी दौरान एमसीडी चुनाव भी होने हैं। सरकार ने बेशक वित्त वर्ष 2017-18 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन योजनाओं को मूर्त रूप दिए जाने से पहले एमसीडी चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर बाकी काम भी रुक जाएंगे।
सूत्र बताते हैं कि उपराज्यपाल की तरफ से गठित समिति जिन फाइलों की जांच कर रही है, उससे कई अन्य फैसले भी रद्द किए जा सकते हैं। सरकार न्यूनतम मजदूरी, दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन को लेकर पहले से ही मशक्कत कर रही है।
फिर कमेटी जब 6 हफ्ते में रिपोर्ट सौंपेगी, तो कुछ नेताओं के खिलाफ भी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश सामने आ सकती है। इसके अलावा दिल्ली वक्फ बोर्ड और दिल्ली महिला आयोग में तथाकथित भर्ती घोटाला मामले में आप नेताओं की मुश्किल एसीबी बढ़ा सकती है।
जानिए आप सरकार के लिए कौन सी हैं मुश्किलें
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पार्टी के गुजरात चुनाव प्रभारी और विधायक गुलाब सिंह की गिरफ्तारी व उससे पहले नरेश बाल्याण की गिरफ्तारी से कुछ अन्य भी आशंकित हैं। ऐसे में विधायक निधि से होने वाले छोटे काम भी पिछड़ रहे हैं।
अधिकारी भी उपराज्यपाल और चुनी गई सरकार के बीच की लड़ाई में काम को लेकर हाथ खींच रहे हैं। गुजरात, गोवा और पंजाब के चुनाव को देखते हुए आप के दिग्गज नेताओं की आवाजाही उन राज्यों में बढ़ेगी। ऐसे में दिक्कतें और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आप सरकार के लिए क्या-क्या आई हैं मुश्किलें
- वक्फ बोर्ड भंग करके उसका सीईओ नियुक्त किया गया।
- महिला आयोग में तथाकथित भर्ती घोटाला मामले में एसीबी ने उपमुख्यमंत्री से तीन घंटे की पूछताछ।
- दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अमानतुल्लाह खान से एसीबी ने लंबी पूछताछ की।
- विधायक नरेश बाल्यान और गुलाब सिंह की गिरफ्तारी।
- शुंगलू कमेटी भंग करने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पास किया, तो उपराज्यपाल ने समिति का कार्यकाल 6 हफ्ते बढ़ा दिया।
- उपराज्यपाल ने कुछ मामले सीबीआई को भेजने का एलान किया, तो कई स्तर पर संकट बढ़ा है।
- मोहल्ला क्लीनिक बनाने समेत कई प्रोजेक्ट की फाइलें अटकी हैं, जिसकी मंजूरी नहीं ली गई थी।