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Shraddha Aftab case: आफताब की हत्या करने के मकसद से आए थे हमलावर, केस दर्ज, फरार आरोपियों की तलाश जारी

Mon, 28 Nov 2022 11:10 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

हमलावरों में से एक ने वैन का पिछला दरवाजा खोल दिया। वह आफताब को वैन से निकालकर उसकी हत्या करना चाहता था। हालांकि पुलिस ने दो हमलावरों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आफताब को सुरक्षित तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
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आफताब पूनावाला - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो
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श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपी आफताब पर हमला करने वाले उसकी हत्या की इरादे से वहां पहुंचे थे। पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद आफताब को फॉरेंसिक लैब से तिहाड़ जेल ले जाने के दौरान हमलावरों ने उसकी वैन पर हमला कर दिया था। हमलावरों के पास तलवार और हथौड़े थे। पुलिस ने मौके से सभी पांच तलवार बरामद कर ली हैं।

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हमलावरों में से एक ने वैन का पिछला दरवाजा खोल दिया। वह आफताब को वैन से निकालकर उसकी हत्या करना चाहता था। हालांकि पुलिस ने दो हमलावरों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आफताब को सुरक्षित तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। फिलहाल प्रशांत विहार पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ कर रही है।

रोहिणी की प्रशांत विहार थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों निगम गुर्जर और कुलदीप ठाकुर को देर रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को प्रशांत विहार थाने से ले जाकर स्पेशल स्टाफ के कार्यालय में रखा गया है। आरोपियों ने बताया कि वह पांच लोग आए थे। तीन लोग मौके से फरार हो गए। दोनों आरोपियों को मीडिया कर्मियों से बात करते हुए गिरफ्तार किया गया है।
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हमलावर खुद को हिंदू सेना का कार्यकर्ता होने का दावा कर रहे थे। वह कह रहे थे कि जब हमारी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो हम जीकर क्या करेंगे। आफताब को दो मिनट के लिए हमें सौंप दो, हम इसे गोली मार देंगे। आफताब की वैन पर हमला होते ही वैन के साथ चल रही गाड़ी से पुलिसकर्मी निकले और हमलावरों को रोकने की कोशिश की। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि 10 से 12 की संख्या में हमलावर सुबह 11 बजे एफएसएल कार्यालय के बाहर आ गए थे।

रोहिणी के पुलिस उपायुक्त गुरइकबाल सिंह ने बताया कि मौके पर पुलिस की ओर से कोई गोलीबारी नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन जेल से आफताब को लेकर आई थी। वैन पर हमला होने के बाद आफताब को बचाने के लिए पुलिसकर्मी ने आत्मरक्षार्थ पिस्टल निकाली थी और हमलावरों को डराने की कोशिश की थी। आफताब को कोई चोट नहीं लगी है। वह सुरक्षित है और उसे सुरक्षित जेल भेज दिया गया है।

हिरासत में लिए गए हमलावरों के खिलाफ प्रशांत विहार थाने में सरकारी काम में बाधा पहुंचने, हमला करने, दंगा फैलाने, हमला में घातक हथियार का इस्तेमाल करने और गैर कानूनी जमावड़ा करने की धारा में मामला दर्ज किया है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और मकसद की के बारे में पूछताछ कर रही है।

हिंदू सेना ने कार्यकर्ता बताने से किया इनकार 
पुलिस ने मौके से सभी पांच तलवार बरामद कर ली हैं। देर रात हिंदू सेना ने भी इनको अपने कार्यकर्ता बताने से इनकार कर दिया। निगम गुर्जर और कुलदीप ठाकुर गुरुग्राम के गांव धनकोट के रहने वाले हैं। प्रशांत विहार थाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रोहिणी पुलिस बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली, गुड़गांव में नोएडा में दबिश दे रही है।

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