चंद्रनगर में चोरी, झपटमारी और सेंधमारी की घटनाओं से निपटने के लिए रेजिडेंट्स ने पहल की है। कबाड़ बीनने और सब्जी बेचने के नाम पर रेकी करके वारदातों को अंजाम देने वालों को अब पकड़ना आसान होगा।
चंद्रनगर ए-ब्लॉक और बी-ब्लॉक की आरडब्ल्यूए सब्जी विक्रेता, कबाड़ी और अन्य कामगारों को आईडी कार्ड जारी करेगी, जिसे दिखाने के बाद ही उनको कॉलोनी में प्रवेश दिया जाएगा।
चंद्रनगर में हाल ही में हुई चोरी, चेन और मोबाइल-स्नैचिंग आदि की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए आरडब्ल्यूए ने सब्जीवालों, कबाड़ वालों, अखबार बांटने वालों, ड्राइवरों और प्र्रेस करने वालों से जानकारी मांगी है।
ए-ब्लॉक आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी बीएस भटनागर ने बताया कि हाल ही में हुई आरडब्ल्यूए की सुरक्षा परिषद की बैठक मेें आईडी कार्ड देने योजना बनी है। चंद्रनगर गेट बंद कालोनी होने के बावजूद इसमें सब्जी वाले या कबाड़ी बनकर आने वाले लोग वारदातों को अंजाम देते रहे हैं।
इन घटनाओं से बचने के लिए पहले फेस में दस सब्जी वालों और छह कबाड़ वालों के आईडी कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए इनसे इनके आईडी प्रूफ जैसे मतदाता पहचान पत्र या आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ 200 रुपये की फीस मांगी गई है। यह फीस तीन महीने के लिए है।
दूसरे फेस में कालोनी के ड्राइवरों को भी आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि कालोनी में कई अखबार और प्र्रेसवाले काफी समय से आ रहे हैं, फिर भी उनकी जानकारी आरडब्ल्यूए ने जमा कर ली है। फिलहाल आईडी कार्ड बनाने का काम चल रहा है। जल्द सुरक्षा के इंतजाम पूरे हो जाएंगे।
कॉलोनी मेें हुई हैं चोरी-झपटमारी की घटनाएं
चंद्रनगर में आए दिन चोरी और झपटमारी की घटनाएं होती हैं। हाल ही में एक लड़की का 24 हजार का एचटीसी का मोबाइल फोन दो बाइक सवारों ने छीन लिया। वहीं इससे कुछ दिन पहले एक दिन पहले कबाड़ बेचने आए शख्स ने घर का माल साफ कर दिया। इस बार सुरक्षा समिति ने नई पहल की है। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी और गलत लोगों का प्रवेश कालोनी में रुकेगा।- रीटा सिंह, स्थानीय निवासी चंद्रनगर
एक सड़क पर कई गेट लगाने से रेजिडेंट्स को परेशानी
वैशाली सेक्टर-4 में सुरक्षा के मद्देनजर एक ही सड़क पर कई गेट लगाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोसायटी के स्थानीय निवासियों ने बताया कि मेट्रो स्टेशन वाली सड़क पर कई जगह अलग-अलग गेट या बैरीकेडिंग लगा लिए हैं, जिनमें रात होते ही ताला लगा दिया जाता है और रेजिडेंट ताला लगाकर सो जाते हैं। इससे देर रात को आने-जाने वाले रेजिडेंट्स को परेशानियां हो रही हैं।