नोटबंदी के बाद बैंकों में नए नोटों की वापसी का प्रतिशत बेहद कम है। यानी बेहद कम लोग नए नोट जमा करने के लिए आ रहे हैं। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर एके सिंह ने बताया कि सिंडिकेट बैंक की जिले में 29 शाखाएं हैं। लेकिन नए नोट लोगों के हाथों में आने के बाद बेहद कम संख्या में वापस आए हैं।
यही हाल दूसरे अन्य बैंकों की शाखाओं का भी है। इसलिए बैंकों को नए नोट देने के लिए आरबीआई का सहारा लेना पड़ रहा है। दरअसल, आम दिनों में निकासी के लिए बैंक उन रुपयों का भी उपयोग करते हैं, जो पूरे दिन में जमा किए जाते हैं। फिलहाल ऐसे नोट की संख्या बेहद कम है।
आरबीआई से भी नहीं मिल रहे 100 के नोट
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर का कहना है कि आरबीआई से भी 100 के नोट मिलने अब बंद हो गए हैं। 100 की खेप अब लोगों के पास ही है। ऐसे में उनके पास से वापस नहीं आने के कारण इसे दोबारा नहीं दिया जा पा रहा है। इस वजह से बैंकों की परेशानी बढ़ी है।
बैंकों ने तय की 4000 से दस हजार की लिमिट
बैंकों में कैश की कमी की वजह से खाताधारकों के लिए चेक से निकासी की सीमा घटा दी गई है। सेक्टर-18 के एक्सिस बैंक की शाखा में सोमवार को बचत खाता वाले ग्राहकों को चेक से केवल 4000 रुपये दिए जा रहे थे। बैंक प्रबंधन का कहना है कि उनके पास कैश की कमी है और सबको कुछ न कुछ देना है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं कुछ बैंकों की ओर से दस हजार की लिमिट तय की गई है।