बढ़े पार्किंग शुल्क के विरोध में शनिवार को नोएडा के सबसे बड़े बाजार सेक्टर-18 में बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। बाजार की आधी से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके रहे। कई दुकानें खुलीं तो जरूर, लेकिन ग्राहकों से डीलिंग नहीं की गई। वीकेंड पर शॉपिंग के लिए पहुंचने वाले लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, व्यापारी संगठनों में एक राय न होने से कई दुकानें रोजाना की तरह खुलीं रहीं।
सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन ने 9 जुलाई तक बाजार बंद का ऐलान किया है। हालांकि, मार्केट एसोसिएशन का दावा है कि पहले दिन बंद पूरी तरह सफल रहा। दोपहर तीन बजे तक बाजार की 80 फीसदी दुकानें बंद रहीं। गारमेंट्स, ज्वैलरी शोरूम सहित कई रेस्तरां व चाय की दुकानें भी बंद रहीं। अट्टा मार्केट ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, गौतमबुद्ध नगर बार एसोसिएशन नोएडा, ज्वैलर्स एसोसिएशन आदि ने बाजार बंद का समर्थन किया।
सेक्टर-18 बाजार में हर महीने 250 से 300 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में मार्केट एसोसिएशन ने बंद के पहले दिन करोड़ों रुपये के नुकसान का आकलन लगाया है। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि बढ़े पार्किंग शुल्क का विरोध चार महीने से किया जा रहा है, लेकिन व्यापारियों की सुनवाई करने की जगह जबरदस्ती महंगी पार्किंग को थोपा गया है जिससे बाजार के कारोबार में काफी गिरावट आ गई है। कई बड़े शोरूम पलायन कर गए हैं। इस दौरान अट्टा मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सीबी झा, सेक्टर-18 मार्केट के कर्नल चंद्रा प्रकाश, कर्नल एसएस भसीन, जीएस पहवा, प्रकाश जिज्ञासी, सुधीर सिंघल, योगी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावला आदि मौजूद रहे।