अनाज मंडी इलाके में 43 मौतों के बाद बुधवार को भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह अचानक सूचना आई कि एमसीडी की टीम सीलिंग के लिए आ रही है तो दुकानदारों ने फौरन अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। इन्हें डर था कि कहीं सीलिंग की चपेट में इनकी दुकानें भी न आ जाएं।
हादसे के बाद से ही यहां के दुकानदार और फैक्टरी मालिक बुरी तरह डरे हुए हैं। उनका कहना था कि पहले ही मंदी के कारण कामधंधा हल्का था। अब तो यह पूरी तरह चौपट हो गया है। अनाज मंडी के अलावा पूरे सदर बाजार इलाके का ही यही हाल है। हर किसी को अब प्रशासन की कार्रवाई का डर सता रहा है।
हादसे के बाद स्थानीय फैक्टरी मालिकों व दुकानदारों ने रविवार और सोमवार को काम बंद रखा था। मंगलवार को ज्यादातर सैलून मार्केट वालों ने अपनी दुकानें डरते-डरते खोल दी थीं। इस बीच, बुधवार सुबह पुलिस की हलचल और एमसीडी की सीलिंग की सूचना के बाद इन लोगों ने फौरन अपनी दुकानें बंद कर दीं।
एक दुकानदार मोहम्मद सैफ ने कहा कि उनका धंधा पहले ही बहुत हल्का चल रहा था। ऐसे में हादसे के बाद पिछले चार दिन से उन्होंने एक भी रुपये का काम नहीं किया है। ऊपर से अब सीलिंग का डर भी सताने लगा है। एक अन्य दुकानदार पुनीत भी ऐसा ही बताते हैं।
उन्होंने कहा कि बस कार्रवाई की बात की जा रही है, लेकिन किसी को भी इस बात से कोई मतलब नहीं है कि धंधे बंद होने के बाद इन लोगों का क्या होगा। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को यहां पुलिसकर्मी ज्यादा दिखाई दिए। इससे भी दुकानदार और फैक्टरी मालिक डरे दिखे।