करोड़ों की लागत से कश्मीरी गेट आईएसबीटी में किए गए कायाकल्प के तहत दिव्यांग यात्रियों के लिए बनाए गए रैंप को बंद कर रखा है। आलम यह है कि रैंप का प्रयोग सिर्फ आईएसबीटी में बनी दुकानों का सामान लाने ले जाने के लिए किया जा रहा है।
आईएसबीटी कश्मीरी गेट का कुछ साल पहले करोड़ों के खर्च के बाद आधुनिक रूप से यात्रियों के लिए तैयार किया गया। आईएसबीटी के मुख्य द्वार पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप भी बनाया गया, लेकिन इस रैंप को आईएसबीटी के स्टाफ की मिलीभगत से यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है।
आलम यह है कि यहां पहुंचने वाले दिव्यांग यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कश्मीरी गेट आईएसबीटी स्थित दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्टेक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (डीटीआईडीसी) के दफ्तर में अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन डीटीआईडीसी के आला अफसर दफ्तर में नहीं मिले।
इस संबंध में जब आईएसबीटी के स्टाफ से बात की गई तो ज्ञात हुआ कि बस अड्डे के प्रवेश द्वार के अंदर लगी सामान स्कैनिंग मशीन के खराब होने के कारण इस मार्ग को बंद कर दिया गया, ताकि यात्री खराबी स्कैनिंग मशीन की ओर ना जाएं और बस अड्डा स्टाफ उन्हें दूसरी ओर भेजने के लिए मशक्कत ना करनी पड़े।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यहां पर अक्सर इस रैंप को बंद रखा जाता है, जिससे दूर-दूर से आने वाले दिव्यांग यात्रियों को आईएसबीटी में प्रवेश के लिए बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है।