करीब दो वर्ष चार महीने फरार रहे कांग्रेस के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन ने फिर से अपनी राजनीति जमीन तैयार करने के लिए सरेंडर किया है। रामबीर शौकीन खुद दिल्ली विधानसभा व पत्नी को दिल्ली नगर निगम के चुनाव लड़ाना चाहाता है। उसे लगा कि वह अभी सरेंडर कर देगा तो चुनावों तक उसे जमानत मिल जाएगी और चुनावों के लिए तैयारी करना शुरू कर देगा। दूसरी तरफ सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस उन लोगों की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने पूर्व विधायक को फरारी के दौरान शरण व आर्थिक मदद की थी।
पूर्व विधायक रामबीर शौकीन ने पटियाला कोर्ट में सरेंडर किया था और कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। कोर्ट ने रामबीर को गिरफ्तार करने व पूछताछ के लिए करीब आधा घंटे का समय दिया था।
सफदरजंग एंक्लेव थाने के पुलिसकर्मियों ने उससे तिहाड़ में करीब आधा घंटा पूछताछ की थी। आरोपी ने बताया कि उसने फिर से राजनीति में आने के लिए सरेंडर किया है। आरोपी ने ये भी कहा है कि फरारी के दौरान छिपते-छिपते वह परेशान हो गया था। साथ में उसे ये भी डर था कि कहीं पुलिस एनकाउंटर न कर दे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रामबीर शौकीन फरारी के दौरान कई बार दिल्ली आया और कमरूद्दीन नगर में अपने घर रहा था। रामबीर शौकीन की पत्नी रीटा शौकीन ने रामबीर से बात करने के लिए एक अलग से सिम व इंटरनेट के लिए डोंगल ले रखा था। वह इस डोंगल के जरिए रामबीर शौकीन से लगातार बात करती रहती थी। रामबीर शौकीन ने भी नया सिम लिया था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों का तो यहां कहना है कि कुछ राजनीतिक लोगों ने रामबीर शौकीन को फरारी में संरक्षण दिया था। पुलिस इन लोगों की डिटेल खंगाल रही है। सफदरजंग एंक्लेव पुलिस ये भी देख रही है कि आरोपी से बागपत जेल में कौन-कौन गया था।