दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दिग्गजों की पूरी फौज उतार दी है। सांसदों और मंत्रियों के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री भी धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान भी दिल्ली की सड़कों पर घूम रहे हैं। चुनावी भागमभाग के बीच उन्होंने अमर उजाला संवाददाता संतोष कुमार से दिल्ली चुनाव पर विस्तार से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश।
सवाल: दिल्ली चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून बड़ा मसला बन गया है। आप इसे भाजपा की साजिश करार दे रही है। क्या कहेंगे?
जवाब: अरविंद केजरीवाल ने कभी पढ़ा है कि सीएए क्या है? उनको हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन से सहानुभूति नहीं है क्या। अगर पड़ोसी देश में हिंदू उत्पीड़ित हो रहे हैं तो वे कहां जाएं। सीएए में एक शब्द भी मुसलमान भाई व बहन के खिलाफ नहीं है।
सवाल: लेकिन भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लग रहा है?
जवाब: विरोध कौन कर रहा है? भाजपा तो नहीं ना। लेकिन जो विरोध करवा रहे हैं, उनकी सच्चाई जनता के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।
सवाल: विपक्ष सवाल कर रहा है कि शाहीन बाग वालों से भाजपा बात क्यों नहीं कर रही है?
जवाब: बैठाओ तुम, जाएं हम। बिरयानी तुम खिलाओ, बात हम करें। पीछे से सपोर्ट तुम करो और चर्चा करने हम जाएं। यह कोई तुक है। इन सबने मिलकर तय किया था कि कैसे भी देश में आग लगा दो। जेएनयू में हिंसा हो जाए, जामिया मिल्लिया में हिंसा हो जाए, शाहीन बाग के कारण दुनिया में भारत की छवि खराब हो जाए।
सवाल: अरविंद केजरीवाल भाजपा से मुख्यमंत्री का चेहरा पूछ रहे हैं?
जवाब: क्यों जरूरी है मुख्यमंत्री का चेहरा। भाजपा तय कर लेगी कि कौन मुख्यमंत्री होगा। इसकी चिंता वह न करें। केजरीवाल यह बताएं कि दिल्ली की हवा में जहर क्यों है, पानी जहरीला क्यों है, दिल्ली को नरक बनाने वाले कौन हैं। लेकिन नहीं, अब कोई रास्ता नहीं दिखा तो पूछ रहे हैं कि भाजपा का मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार कौन है।
सवाल: मुख्यमंत्री को आतंकवादी तक कहा जा रहा है, क्या यह ठीक है?
जवाब: वो बताएं कि दिल्ली की जनता को गंदा पानी क्यों पिलाया। इसने कई बीमारियां दीं। इससे स्वास्थ्य खराब हुआ, उम्र कम हो रही है। उम्र कम करने वाला आतंकी नहीं है क्या। आतंकी गोलियों से मारते हैं, यह तो पानी से मार रहे हैं। जहरीली हवा है, प्रदूषण दूर करने के लिए क्या किया आपने। गैस चैंबर बनाने से उम्र कम नहीं हो रही है क्या। चाहे गोली मारो, चाहे प्रदूषित हवा और पानी दो। जिम्मेदारी किसकी है, मुख्यमंत्री की नहीं है क्या। इसलिए जो कहा गया है, उसका संदर्भ है।
सवाल: वैसे अब केजरीवाल केंद्र से सहयोग की बात कर रहे हैं?
जवाब: जब हजारों झूठे मरे होंगे तो केजरीवाल पैदा हुए होंगे। उनका नजरिया कब क्या रहता है यह समझ में नहीं आता। कभी केंद्र को गाली देते थे, धरना देते थे इंडिया गेट पर। एक मुख्यमंत्री का क्या यही आचरण होना चाहिए। अब जब उन पर आरोप लग रहे हैं कि केंद्र की योजना लागू नहीं की तो वह कह रहे हैं कि केंद्र की योजना लागू करेंगे। पलटी मारना कोई उनसे सीखे। इसलिए इनका कोई भरोसा नहीं है। जिधर ायदा दिखेगा, उधर पलटी लगाएंगे यह।
सवाल: आम आदमी पार्टी अपने काम के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है?
जवाब: केजरीवाल ने जो झूठ का गुबारा फुलाया था, जिसको देखकर लगता था कि आप का बड़ा माहौल है, वह गुबारा फूट गया है। सच उजागर हो गया है। मैं हैरान हूं दिल्ली की गलियों को देखकर। सीवेज का पानी सड़कों पर, बदबू, सड़ांध, आश्चर्य होता है कि दिल्ली ऐसी भी है। लोग इसे समझ गए हैं।
सवाल: आप आज भाजपा को कहां देखते है?
जवाब: तेजी से जनसमर्थन भाजपा के साथ आया है। और जितना घूमा हूं, उससे पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि हम शानदार बहुमत से सरकार बना रहे हैं।