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शिप्रा ने रची खुद की वापसी के लिए ये झूठी कहानी

Sat, 05 Mar 2016 05:27 AM IST
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
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शिप्रा मलिक
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फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक अपहरण मामला सुलझाने का मोर्चा डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने 3 मार्च दोपहर करीब 12 बजे संभाला। एक घंटे की केस स्टडी करने के बाद ही उन्होंने शिप्रा के भाई शिवांग से पूछताछ करने के आदेश दे दिए। लक्ष्मी सिंह का निशाना भी ठीक बैठा और शाम करीब 5 बजे शिवांग को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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शिवांग के हिरासत में लेते ही उसका असर यह हुआ कि यह खबर शिप्रा तक पहुंची और शिप्रा खाटू श्याम जी के आश्रम से चल पड़ी और देर रात गुड़गांव पहुंचकर अपहरण के ढोंग की कहानी गुड़गांव के सुल्तानपुर के सरपंच को सुनाई। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए कहा कि शिवांग के हिरासत में लेते ही शिप्रा एक्टिव हो गई और देर रात उसने ही खुद ही अपने सुरक्षित होने की सूचना पति चेतन को दी।

डीआईजी ने एक स्पेशल टीम यह जांच करने के लिए लगा रखी है कि परिवार का ऐसा कौन सदस्य है जिसने शिवांग के हिरासत में लिए जाने की खबर शिप्रा तक पहुंचाई।

 
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परिवार के कुछ लोग अभी भी शक के दायरे में हैं

शिप्रा मलिक - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
डीआईजी ने यह साफ कहा है कि उसका भाई और परिवार के कुछ लोग अभी भी शक के दायरे में हैं और इस केस से जुड़े सभी बिंदुओं के आधार पर तस्दीक की जा रही है। शिप्रा उसके बाद उसने फर्रुखनगर रोड स्थित सुलतानपुर गांव में एक शख्स के घर का दरवाजा खटखटाने लगी।

उस शख्स ने उसको सुलतानपुर गांव के सरपंच से देर रात मिलवाया, जहां उसने अपनी झूठी कहानी बताई। शिप्रा ने उन्हें बताया कि वैन सवार चार लोगों ने उसका नोएडा से अपहरण किया था और तीन दिनों तक किसी सुनसान जगह पर उसे रखा। उसके बाद सड़क पर वह बदमाश उसे वैन से बाहर फेंककर चले गए।

शिप्रा ने सरपंच के मोबाइल से रात करीब सवा एक बजे अपने पति चेतन को फोन किया और सकुशल होने की बात कही।

 
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गुड़गांव पुलिस और नोएडा पुलिस के दावों में फर्क

मोबाइल और पर्स नहीं मिला: पूछताछ के दौरान शिप्रा ने पुलिस को बताया कि खाटू श्याम जी के आश्रम पहुंचने के बाद उसने मोबाइल और पर्स वहीं फेंक दिया, ताकि उसके बारे में कोई जानकारी न जुटा पाए। हालांकि, शिप्रा ने पहले ही अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया था, फिर उसने अपना पर्स और मोबाइल क्यों फेंका यह बड़ा सवाल है।

75 लाख रुपये ससुर को देने की बात क्यों छुपाई: केस की जांच के दौरान पता चला कि शिप्रा के पति चेतन ने ससुर सतीश कटारिया को 75 लाख लाख उधार दिए थे। इसके बावजूद शिप्रा के अपहरण की जांच के दौरान चेतन ने न तो पुलिस से यह बात शेयर की और न ही मीडिया को बताया। चेतन हमेशा रुपयों के लेन-देन की बात को नकारता रहा।

पुलिस ने बृहस्पतिवार रात को सीसीटीवी फुटेज के साथ खुलासा किया कि दोपहर 1:25 बजे सेक्टर-18 स्थित बैंक में लॉकर को ऑपरेट किया।

 
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