दिल्ली से ट्रेनों में सवार होकर लोगों से नेग मांगने के बहाने लूट करने वाले एक किन्नर गैंग को गाजियाबाद जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। जीआरपी के मुताबिक इस गैंग में सरगना किन्नर है जबकि चार अन्य बदमाश किन्नरों की वेशभूषा में उसके साथ मिलकर चाकुओं के बल पर लूटपाट करते थे।
जीआरपी ने इनके पास से 29 हजार रुपये की नगदी, 4 चाकू और नशीली गोलियां बरामद की हैं। गैंग ने शहीद, ऊंचाहार और पोरबंदर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में वारदात करने की बात कुबूली है।
जीआरपी इंस्पेक्टर विनोद सिंह सिरोही ने बताया कि यह किन्नर गैंग तीन साल से ट्रेनों में वारदातें कर रहा था। पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद के बीच वारदात कर ये फरार हो जाते थे।
नेग मांगने के बहाने ट्रेनों में करते थे सफर
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि गैंग को रीना उर्फ टीना नाम की किन्नर और उसका साथी शमशेर संचालित करता है। दिल्ली से सवार होकर यह गैंग यात्रियों को अकेला देख जबरदस्ती उसकी जेब की तलाशी लेते थे। पैसा मिलने पर उसे जबरदस्ती निकाल लेते थे।
विरोध करने पर यात्रियों को चाकू मारकर चलती ट्रेन से कूदकर भाग जाते थे। इनके निशाने पर दूरदराज जाने वाली ट्रेनें होती थीं। ये गैंग मौका पाकर यात्रियों के बैग भी चुरा लेता था।
जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए गैंग में किन्नर टीना के अलावा मूलरूप से बिजनौर निवासी शमशेर, मुजफ्फरपुर बिहार निवासी मुस्कान उर्फ लवकुश, भजनपुरा दिल्ली निवासी लक्ष्मण, और समीर हैं। फिलहाल ये सभी दिल्ली में रह रहे थे। इनका एक साथी फरार है।
इन वारदातों का हुआ खुलासा
5 अप्रैल 2014 को शहीद एक्सप्रेस में लूटपाट का विरोध करने पर बरेली निवासी यात्री हीरालाल को चाकू मारकर घायल कर ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर दिया था।
पोरबंदर एक्सप्रेस में 1 नवंबर 2014 को लखीमपुर खीरी निवासी नीरज, टेनी और शरीज को लूट का विरोध करने पर चाकू मारकर घायल कर दिया था।
18 दिसंबर 2014 को ऊंचाहार एक्सप्रेस में लूटपाट का विरोध करने पर संभल निवासी विजयपाल को चाकू मारकर घायल कर दिया था।
29 मार्च 2015 को ऊंचाहार एक्सप्रेस में इकबाल नाम के यात्री से मारपीट कर 25 हजार रुपये की नकदी लूट ली थी।