दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कांग्रेस हाईकमान के प्रस्ताव को ठुकराते हुए यूपी में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी से अपना नाम बाहर कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, शीला ने खुद को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में बतौर सीएम कैंडिडेट प्रजेंट किए जाने के प्रस्ताव को ना कह दिया है।
एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार, शीला दीक्षित ने पार्टी में उनके नाम पर चल रही सुगबुगाहट को नजरअंदाज कर दिया है। गौरतलब है कि 16 जून को शीला दीक्षित ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात थी।
इस मुलाकात के बाद से ही यह चर्चा जोरों पर थी कि शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश चुनावों में सीएम कैंडिडेट के रूप में पेश किया जा सकता है। हालांकि इससे पहले, कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को बतौर सीएम कैंडिडेट प्राजेक्ट करने की बात कही थी, लेकिन उनका प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
शीला दीक्षित फिलहाल आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए वाटर टैंकर ‘घोटाले’ के आरोप में उलझी हुई हैं। इस घोटाले की जांच दिल्ली-एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है, और उसने दीक्षित के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है और उन्हें कभी भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।