फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शीला दीक्षित के कार्यक्रम में नजर आए जगदीश टाइटलर, मचा सियासी बवाल

Wed, 16 Jan 2019 12:46 PM IST
शशांक गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
शीला दीक्षित के मंच के पास मौजूद जगदीश टाइटलर - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आज अपने तीन सहयोगियों के साथ दिल्ली कांग्रेस की कमान संभाल ली है। आज जिस मंच से उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत की उसके नीचे जगदीश टाइटलर भी देखे गए।

विज्ञापन


शीला के कार्यक्रम में जगदीश टाइटलर की उपस्थिति ने सियासी बवाल मचा दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शीला दीक्षित ने टाइटलर को मंच पर जगह दी थी लेकिन अजय माकन ने उन्हें नीचे उतार दिया। भाजपा हमेशा से ही सिख विरोधी दंगों में संदिग्ध भूमिका के लिए टाइटलर को घेरती रहती है और इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा- जो उनके परिवार ने पहले किया, राहुल ठीक वही परंपरा अब आगे बढ़ा रहे हैं। यह साफ दिखाता है कि उन्हें सिखों के भावनाओं की कोई इज्जत नहीं है।

वहीं शीला दीक्षित के अध्यक्ष बनने के कार्यक्रम में पहुंचे टाइटलर से जब सिख विरोधी दंगों में सज्जन कुमार की सजा के बारे में पूछा गया तो वह अपना नाम आने पर भड़क गए। टाइटलर ने कहा- एक आदमी क्या कह सकता है जब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। आपने मेरा नाम भी लिया। क्यों? क्या कोई एफआईआर है? क्या कोई केस है? नहीं? तब आपने मेरा नाम क्यों लिया? किसी ने कुछ कहा और आपने मान लिया। 

बता दें कि जगदीश टाइटलर से कांग्रेस अक्सर दूरी बनाती देखी गई है लेकिन वह कई मौकों पर पार्टी के आयोजनों में नजर आए हैं। एक बार जब राहुल गांधी के एक दिन की भूख हड़ताल राजघाट पर होने वाली थी तब वहां भी जगदीश टाइटलर देखे गए थे। जिसके बाद राहुल के पहुंचने से पहले टाइटलर को वहां से हटा दिया गया था।
गौरतलब है कि शीला दीक्षित को हाल ही में पूर्व अध्यक्ष अजय माकन के स्थान पर नियुक्त किया गया था। हालत यह है कि प्रदेश कार्याल डीडीयू के आसपास शीला दीक्षित के बैनरों से पूरा इलाके भर गया है।

प्रदेश कार्यालय में भी शीला दीक्षित के कार्यालय को पूरी साजसज्जा के साथ तैयार कर दिया गया था। शीला के साथ नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष हारूण युसूफ, राजेश लिलोठिया व देवेन्द्र यादव भी कार्यभार संभाला। 
विज्ञापन


शीला दीक्षित तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी है ऐसे में उनके कैबिनेट सहयोगी रहे कांग्रेसी नेताओं ने पूरी तैयारियां की थीं। शीला दीक्षित ने पदभार संभालने के बाद कहा राजनीति चुनौतियों से भरी हुई है, हम उसके अनुसार ही अपनी रणनीति तैयार करेंगे। बीजेपी और आप दोनों ही बड़ी चुनौतियां हैं जिससे हमें निपटना है। अभी तक आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं हुई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें