फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में कांग्रेस को संजीवनी दे सकतीं हैं शीला, प्रदेशाध्यक्ष के पद पर दीक्षित का नाम लगभग तय

Tue, 08 Jan 2019 04:42 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
sheila dikshit - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस देश की राजधानी में एक बार फिर पार्टी की कमान पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को सौंप सकती हैं। सूत्रों की मानें तो दिल्ली कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के रूप में 80 वर्षीय शीला दीक्षित का नाम पार्टी हाईकमान की ओर से लगभग तय हो चुका है। चूंकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंताएं हैं। इसलिए हाईकमान ने शीला दीक्षित के साथ पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर चार वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने का भी निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि आगामी 10 जनवरी को इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।     

विज्ञापन

  
दरअसल, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन के पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन हाईकमान के आगे न सिर्फ दिल्ली की जनता में पार्टी के प्रति समर्थन जुटाने की चुनौती है, बल्कि आपसी गुटबाजी को भी चुनाव से पहले खत्म करना है। बताया जा रहा है कि शीला दीक्षित की बदौलत कांग्रेस दिल्ली में फिर से बड़े स्तर पर वापसी कर सकती है। इसलिए पार्टी एकमत होकर उनके नाम को आगे लाना चाहती है।       

ब्लॉक अध्यक्ष की सूची पर हंगामा      
एक ओर कांग्रेस दिल्ली के मुखिया पद को लेकर चर्चाओं में है। वहीं, सोमवार को दिल्ली कांग्रेस प्रभारी के ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी करने पर काफी हंगामा हुआ। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस सूची को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े किए हैं। दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने 60 ब्लॉक अध्यक्षों के नामों की सूची जारी की है। 
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो इसे लेकर शीर्ष नेताओं के बीच काफी नोकझोंक भी हुई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे अजय माकन पहले ही इन नामों को घोषित कर चुके हैं। चूंकि अभी तक प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी करने की जल्दबाजी कार्यकर्ताओं की समझ से परे है। कहा ये भी जा रहा है कि काफी समय पहले हुए चुनाव के आधार पर जारी हुई ब्लॉक अध्यक्षों की सूची को लेकर कार्यकर्ताओं का ये विवाद पार्टी हाईकमान तक पहुंच सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें