ग्रेनो डिपो से मेट्रो का अब बोड़ाकी तक विस्तार किया जाएगा। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस रूट पर दो से तीन स्टेशन बनेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एनएमआरसी को इस रूट का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। बोड़ाकी में ही ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब बन रहे हैं। इस रूट के तैयार हो जाने से बोड़ाकी एनसीआर से जुड़ जाएगा।
बोड़ाकी मेट्रो के लिए इस साल जून में काम शुरू करने और 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दरअसल, बोड़ाकी को बड़े स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब बन जाने से देश के कई हिस्सों में ट्रेन चलाने की योजना है। यहीं पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने का भी प्रस्ताव है। प्राधिकरण की योजना है कि इसी वर्ष काम शुरू करा दिया जाए, ताकि लॉजिस्टिक व ट्रांसपोर्ट हब का काम पूरा होने के साथ ही मेट्रो भी बनकर तैयार हो जाए।
फिलहाल मेट्रो नोएडा से ग्रेनो डिपो तक चलेगी। बोड़ाकी तक मेट्रो रूट बन जाने से एनसीआर में कहीं भी जाना आसान हो जाएगा। इससे जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट तक जाना आसान होगा, क्योंकि परी चौक से प्रस्तावित एयरपोर्ट तक मेट्रो का प्रस्ताव पहले ही बन चुका है।
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को बड़ा बनाने पर चल रहा काम
बोड़ाकी को बड़े रेलवे स्टेशन में बदलने का काम चल रहा है। तीन-चार वर्षों में एक्सप्रेसवे ट्रेन यहां से रवाना होंगी। शुरुआत में 15-16 ट्रेनों से यह सुविधा शुरू होगी। मेट्रो से यात्रियों को बोड़ाकी स्टेशन तक आने में सुविधा होगी। फिलहाल नोएडा, ग्रेटर नोएडा के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली या गाजियाबाद जाते हैं।
ग्रेनो डिपो से बोड़ाकी तक का प्रस्ताव बनाकर एनएमआरसी को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही ग्रेनो प्राधिकरण की अगली बोर्ड बैठक में इसे रखा जाएगा। इसके बाद शासन से अनुमति मिलने पर डीपीआर तैयार कराई जाएगी।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण