शरजील इमाम ने जेएनयू में भी देश विरोधी भाषण दिया था। दिसंबर महीने में अयोध्या में राम मंदिर बनाने का फैसला आने के बाद उसने छात्रों के बीच जहर उगला था। शरजील ने इस फैसले को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया था।
उसके भाषण की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जो दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मिल गई है। शरजील जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद काफी कट्टर हो गया था। वह इस निर्णय के खिलाफ अक्सर बोलता था।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शरजील का जेएनयू में दिया गया भाषण काफी लंबा है। जांच में पता चला है कि शरजील ने जामिया नगर में दो बार भड़काऊ भाषण दिया था।
क्राइम ब्रांच ने राममंदिर फैसले से संबंधित एक वीडियो, जामिया नगर के दो वीडियो व जेएनयू का एक वीडियो बरामद किया है। इन वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस को वीडियो की आवाज से मिलाने के लिए शरजील की आवाज का सैंपल लेने की कोर्ट से अनुमति मिल गई है। पुलिस ने इसके लिए आवेदन किया था। कोर्ट का कहना है कि शरजील की आवाज के सैंपल की जांच कराने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है।
पुलिस बृहस्पतिवार को शरजील की आवाज के सैंपल मिलान के लिए भेज सकती है। पुलिस को शरजील के मोबाइल से भी भड़काऊ भाषण वाले चार वीडियो मिले हैं।
दूसरी तरफ, शरजील मामले में पुलिस जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 15 छात्रों से पूछताछ करेगी। इन छात्रों ने शरजील द्वारा छपवाए गए पोस्टरों को बांटा था। ये पोस्टर मसजिदों के आसपास वाले इलाकों में बांटे गए थे।
कुछ छात्र शरजील के भाषण के वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर डालते थे। पुलिस ने बुधवार को जामिया मिल्लिया के तीन छात्रों से पूछताछ की। चार छात्रों से मंगलवार को पूछताछ हुई थी।
बाकी छात्रों को बृहस्पतिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूछताछ के दौरान छात्रों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पोस्टर बांटे थे। इनमें से कुछ शरजील के खिलाफ सरकारी गवाह बन सकते हैं।