व्हाट्सएप पर अखबार की पीडीएफ प्रसारित करना गैरकानूनी
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समाचार पत्र के ई-पेपर की पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर उसे व्हाट्सएप ग्रुप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित करना किसी को भी भारी पड़ सकता है। ऐसा करना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि कॉपीराइट कानून और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन भी है। अमर उजाला के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से प्रसारित करने पर हरियाणा पुलिस ने बुधवार को कुछ व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन से पूछताछ की है और कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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हरियाणा के कई जिलों के कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में अमर उजाला अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से नियमित तौर पर प्रसारित की जा रही थीं। अमर उजाला प्रबंधन की ओर से की गई शिकायत के आधार पर हरियाणा पुलिस ने कार्रवाई की तो कई ग्रुप एडमिन ने न सिर्फ ई-पेपर की पीडीएफ हटा लीं बल्कि भविष्य में ऐसा न करने का वादा भी किया। एडमिन ने अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप में अखबारों की पीडीएफ शेयर न करने का निवेदन अपने सदस्यों से किया है।
अदालती निर्देशों और अन्य एडवाइजरी में भी ये कहा जा चुका है कि किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप में अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ या अन्य माध्यम से कॉपी प्रसारित करना गैरकानूनी और अनैतिक है। इन निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया जा चुका है कि जिस भी सोशल मीडिया ग्रुप में ऐसा किया जा रहा है उसका एडमिन इस गैरकानूनी कृत्य के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
ये गलत है
- अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया पर शेयर करना नैतिक रूप से गलत है।
- ये आईटी एक्ट की धाराओं में आपराधिक कृत्य है और गैरकानूनी है।
- ये कॉपीराइट कानून और ट्रेडमार्क अधिकारों का उल्लंघन है।
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