नॉलेज पार्क-3 स्थित शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पुलिस से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें अब तक की जांच, लिए गए कदम और आगे की कार्ययोजना का विवरण शामिल हो।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। जिससे सच सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके। आयोग ने पीड़िता के परिजनों को तत्काल सभी आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं, मृतका के ज्योति के परिजन ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति के समक्ष अपने बयान दर्ज कराने के लिए शारदा अस्पताल पहुंचे। जो लोग विश्वविद्यालय पहुंचे उनमें छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा, मृतका की माता, चाचा सहित परिवार के 10 लोग शामिल रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी के अलाव जांच टीम के सदस्य मौजूद रहे। माना जा रहा है कि आज जांच रिपोर्ट फाइनल होने के बाद शनिवार को इसे पुलिस, प्रशासन और परिजन को सौंपा जा सकता है।
क्या है मामला
गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा ने 18 जुलाई को छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा ने मामले में डेंटल साइंस विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) एम. सिद्धार्थ, विभागाध्यक्ष (एचओडी) प्रो. डॉ. आशीष चौधरी, प्रो. डॉ. अनुराग, एसोसिएट प्रो. डॉ. महिंदर सिंह चौहान, सहायक प्रो. डॉ सुरभी, सहायक प्रो. डॉ. शैरी वशिष्ठ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
डीन और प्रोफेसरों को निलंबित किया जा चुका
पुलिस ने मामले में शैरी वशिष्ठ और महिंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपी डीन और प्रोफेसरों को निलंबित किया जा चुका है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच के लिए समिति बनाकर पांच दिन में रिपोर्ट देने की बात कही थी। समिति ने पहले अन्य आरोपी प्रोफेसरों के अलावा वार्डन, सफाईकर्मी, गार्ड, डॉक्टरों, एंबुलेंस चालक के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद गुरुवार को जेल पहुंचकर आरोपी प्रोफेसरों के बयान दर्ज किए थे।
50 से अधिक लोगों के बयान
मामले में सुप्रीम कोर्ट की टीम ने भी नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस से अबत तक की जांच रिपोर्ट मांगी है। वहीं, पुलिस ने भी निलंबित प्रोफेसरों के अलावा वार्डन, सुरक्षा गार्ड के अलावा छात्रा के साथ रहने वाली छात्राओं और उसके साथ पढ़ाई करने वाली छात्राओं सहित करीब 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।