नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने व्यावसायी रतुल पुरी, मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला खारिज कर दिया है। यह फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज मुख्य मामले में बरी किए जाने के बाद आया है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) सुशांत चंगोत्रा ने मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड, रतुल पुरी, राजीव अग्रवाल, राजीव सक्सेना, शिवानी सक्सेना, अजीत सिंह बब्बर, मेसर्स तनय होल्डिंग लिमिटेड, मेसर्स मैट्रिक्स ग्रुप लिमिटेड, मेसर्स पैसिफिक इंटरनेशनल एफजेडसी, मेसर्स तिरामिसू होल्डिंग्स इंक, मेसर्स मिडास मेटल्स इंटरनेशनल एलएलसी, मेसर्स इंडियन हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत को खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि तथ्यों और कानून के स्थापित अनुपात को देखते हुए धारा 3 के तहत अपराध, धारा 70 के साथ पढ़ा जाए और पीएमएलए की धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध नहीं बनता है। हालांकि, अदालत ने कहा कि यदि 24 मई, 2025 के डिस्चार्ज आदेश को उच्च न्यायालय की तरफ से रद्द कर दिया जाता है तो ईडी कार्यवाही को फिर से खोलने के लिए स्वतंत्र होगा। ब्यूरो