अगर कोई शख्स इन्हें चकमा देने में कामयाब होता है तो उसे कुछ ही दूरी पर जांच के लिए तैनात दूसरी टीम का सामना करना पड़ेगा। इन दोनों ही सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर प्रदर्शन तक पहुंचने वालों पर भी नजर रखने के लिए तीसरा लेयर तैनात है, जिसे हर हालात से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके अलावा एक टीम ऐसी भी है, जो प्रदर्शन में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए हर वक्त पैदल भ्रमणशील है। अगर इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो यह दल पूरी तरह से पुलिस की तरह काम कर रहा है।
वहीं महिलाओं की जांच के लिए सड़क किनारे ही अस्थाई पर्दा लगाकर कमरा बना दिया गया है, जहां बगैर पूरी जांच के महिलाओं को भी प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा दस्ते के लोगों का कहना है कि किसी पर शक होने की स्थिति में उसका आई कार्ड भी जांचा जा रहा है।