शाहीन बाग की प्रदर्शनकारी महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस को देखते हुए शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी अब भी धरनास्थल खाली नहीं करने की जिद पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारियों को जिला प्रशासन की ओर से मेडिकल टीम भेजने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दी। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश नाम संबोधन के बाद रास्ता खाली करने पर सहमति बन सकती है।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शाहीन बाग में 96 दिन से धरना जारी है। इसी बीच देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए किसी भी स्थान पर 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने की मनाही है। बावजूद इसके, शाहीन बाग में लोगों की भीड़ एकत्र हो रही है।
भीड़ को देखते हुए वहां कोरोना वायरस का खतरा बढ़ा हुआ है। फिर भी प्रदर्शनकारी धरने पर डटे हुए हैं। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ-साथ बुजर्ग और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को मनाने में जुटे हैं। देखना है कि प्रदर्शनकारी कब प्रशासन की बात को मानने के राजी होते हैं?