शाहीन बाग इलाके में रविवार देर रात कुछ नकाबपोश लोग दिखने की खबर फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें सड़क घेरकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं की तरफ जाते देखा गया था। उनके मुताबिक, इसी दौरान खबर मिलने पर पुरुष पहुंच गए। उन्हें देखकर सभी नकाबपोश अंधेरी गलियों की ओर भाग गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी। पुलिस इसे महज अफवाह मान रही है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि नकाब पहनकर घूम रहे लोगों की संख्या 10 से 12 थी। उन सभी के हाथों में धारदार हथियार थे। उनके मुताबिक, पूरे इलाके में यह सूचना फैली तो हर कोई धरना स्थल के पास पहुंच गया। लोगों का कहना था कि जेएनयू की तरह शाहीन बाग में भी प्रायोजित हिंसा कराई जा सकती है। उनके मुताबिक, इस पूरे इलाके में रात के समय अंधेरा रहता है। इस वजह से दुुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ फुटेज नहीं मिल पाई।
पुलिस का कहना है कि शाहीन बाग में अफवाह उड़ने का यह पहला मामला नहीं है। धरना स्थल पर लगभग रोज यह अफवाह उड़ाई जाती है कि भारी संख्या में पुलिस बल उन्हें जबरन हटाने के लिए पहुंच रहा है। इसके बाद वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट जाती है।