शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन के चलते बच्चों को रोज कई किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय कर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी इन दिनों भारी परेशानी सहनी पड़ रही है।
बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने और बाद में उन्हें बस से घर वापस लाने में उन्हें भी कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। शाहीन बाग और आसपास की कॉलोनियों के जो बच्चे नोएडा और मयूर विहार के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, वह मौजूदा समय डेढ़ से दो घंटे की देरी से अपने घर पहुंच रहे हैं।
गोविंदपुरी में रहने वाली हेमलता अपने पांच साल के बच्चे रोहन को स्कूल बस से उतारकर घर लौटी थीं। उनसे बातचीत करने पर पता चला कि वह शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन स्थल के दूसरे छोर तक ही आने वाली स्कूल बस तक सुबह अपने बच्चे को छोड़ने आती हैं, दोपहर में फिर से उन्हें ढाई किलोमीटर पैदल सफर तय करके बच्चे को लेने आना पड़ता है।
ऐसे में उन्हें और उनके बच्चे को रोज 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूल बस उनके घर तक आती थी। इसी प्रकार अन्य बच्चों और उनके माता-पिता को भी इन दिनों पैदल चलना पड़ रहा है।
मयूर विहार, एयरफोर्स स्कूल, नोएडा के कई नामी-गिरामी स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल की बसें रोज बच्चों को स्कूल ले जाने और छोड़ने आती हैं, लेकिन शाहीन बाग में प्रदर्शन के कारण स्कूल बसों को कई किलोमीटर घंटों सड़कों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।