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आगरा बस हादसा: शगुफ्ता को क्या पता था कि उसे वापस ले जाने के लिए न बेटा लौटेगा न पति

Tue, 09 Jul 2019 05:11 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आगरा बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
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शगुफ्ता ने घर पहुंच कर जब अपने पति हुजूर आलम को अलविदा कहा तो उसे कहां पता था कि यह उनके बीच का आखिरी दुआ-सलाम है। लखनऊ से दिल्ली आ रही जो बस सोमवार को आगरा में भयावह हादसे का शिकार हो गई उसमें आजादपुर मंडी के रहने वाले 30 वर्षीय हुजूर आलम अपने बेटे मंसूर अली के साथ बैठे थे। हादसे में दोनों पिता और बेटे में से कोई नहीं बच पाया।

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हुजूर आलम मूल रूप से अमेठी के रहने वाले थे और दिल्ली में आजादपुर मंडी में रहते थे। डेढ़ साल पहले ही उनकी शादी शगुफ्ता से हुई थी। वह अपनी पत्नी शगुफ्ता को अमेठी वाले घर में छोड़कर सोमवार को बेटे मंसूर के साथ वापस दिल्ली लौट रहे थे। रास्ते में ही आगरा के पास यमुना एक्सप्रेस वे पार करते वक्त उनकी बस भीषण हादसे का शिकार हो गई और झरना नाले में जा गिरी। 

बताया जा रहा है कि चालक को लगी झपकी के कारण बस अपने रास्ते से डगमगा गई और 40 फीट गहरे नाले में जा गिरी। घटना सोमवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे की है। बस में 50 लोग सवार थे, जिनमें से 29 लोगों की मौत हो गई जबकि बस कंडक्टर समेत 23 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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