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मानसून की देरी से पिछड़ रहा खेती का काम, नूंह के किसानों को सता रही है चिंता

Tue, 09 Jul 2019 01:31 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मॉनसून की राह ताकते किसान
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नूंह जिले में मानसून की देरी से इस बार तावडू में खेती का काम पिछड़ गया है। पिछले साल इस समय तक खरीफ बोनी का काम लगभग पूरा हो चुका था। लेकिन इस बार अब तक इसकी शुरूआत भी नहीं हो सकी है। किसानों की टकटकी आसमान की ओर लगी है।

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आषाढ़ में भी बारिश नहीं होने से किसान सहित आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का उमस व गर्मी से जीना दूभर हो गया है। बारिश नहीं होने से किसानों का बोनी का काम पिछड़ता जा रहा है। जिसको लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे है।

मेवात में लगभग 80 प्रतिशत किसान बारिश पर निर्भर हैं। इसके कारण बारिश में देर होने से खेती के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। पिछले साल खरीफ सीजन में इस समय तक बोनी लगभग पूरी हो चुकी थी। पर इस बार मौसम की बेरूखी के चलते अभी तक खेतों की जुताई का काम भी पूरा नहीं हो सका है। 
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हालांकि जून महीने में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और बौछारें जरूर पड़ीं, लेकिन इसके बाद से बारिश का पता नहीं चला। इसके चलते क्षेत्र में कृषि का काम प्रभावित हो गया है। किसान मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अक्सर आधे आषाढ़ तक बुआई का काम हो जाता था।

पर इस साल अत्यधिक गर्मी व बारिश के अभाव के चलते अभी खेतों की मेढ़बंदी, खरपतवार सफाई और जुताई का काम भी नहीं हो पा रहा है। बारिश के कोई आसार भी नहीं दिख रहे। ऐसे में खेती पिछड़ रही है। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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