हाईकोर्ट ने राजधानी में महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बनाने की मांग पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिलहाल एक ही रैन बसेरे में पुरुषों के साथ महिलाओं व बच्चों को रहना पड़ता है, जिससे कई बार असामजिक तत्व उनका यौन उत्पीडन करते हैं।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 4 मई तय करते हुए सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि बच्चों के लिएअलग से रैन बसेरों की व्यवस्था क्यों न की जाए।