हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में आपसी सुलह होने के बाद फैसला सुनाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक यौन उत्पीड़न मामले को आपसी सुलह और आरोपी द्वारा सामुदायिक सेवा की शर्त पर खारिज कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ ने सुनाया, जिसमें दो आरोपी, जो शिकायतकर्ता के रिश्तेदार हैं, को अगले दो महीनों तक प्रति माह चार दिन जामा मस्जिद में चार-चार घंटे की सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने पाया कि चूंकि मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच सुलह हो चुकी है और दोष सिद्धि की संभावना बेहद कम है। इसलिए इस मामले को आगे बढ़ाना कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग और राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ होगा। शिकायतकर्ता महिला ने कोर्ट में कहा कि वह अब इस मामले में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती, क्योंकि वरिष्ठ परिवार के सदस्यों का निधन हो चुका है और यह विवाद पारिवारिक कलह का परिणाम था, जो अब सुलझ चुका है। दूसरी ओर, आरोपियों ने भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने और दिल्ली पुलिस वेलफेयर फंड में प्रत्येक को 5000 रुपये जमा करने का भी वचन दिया।