महिलाओं के साथ कार्य स्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न पर कॉरपोरेट नॉलेज फाउंडेशन व आईआरआईएस कॉरपोरेट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड मिलकर एक सेमिनार कर रहे हैं।
इसमें यौन उत्पीड़न के बचाव और रोकथाम पर मंथन किया जाएगा। गुड़गांव के बाद यह सेमिनार मुंबई में भी किया जा रहा है। कंपनी की प्रवक्ता दिप्ती भटनागर ने बताया कि वर्ष 2012 दिसंबर में दिल्ली में हुई गैंगरेप की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए नया कानून बनाया गया है।
राजस्थान की विशाखा बनाम राज्य अधिनियम के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश महिला सुरक्षा कानून के नियम नौ के तहत जारी किए गए हैं। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिला के हितों की रक्षा करना है।
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लेकिन कई मामलों में पुरुष कर्मचारियों, मालिकों, प्रबंधन के अधिकारियों को दुर्भावनापूर्णता का शिकार होना पड़ता है। ऐसे कई अहम मुद्दों पर सेमिनार में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा यौन उत्पीड़न की परिभाषा, निवारक उपाय, आपराधिक कार्यवाही, अनुशासनात्मक कार्यवाही, शिकायत तंत्र आदि प्रमुख बातों पर भी चर्चा हो रही है।
सेमिनार में उद्यमियों के साथ प्रबंध निदेशक, सलाहकार, अनुपालन अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट के वकीलों और कानून विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। सेमिनार सिग्नेचर टावर के पास होटल क्राउन-ए-प्लाजा में सुबह 9:30 से शुरू हो चुका है, जो शाम 5:00 बजे तक चलेगा।