पुलिस की पूछताछ में आरोपी आसिब खान ने बताया कि सबसे पहले यह फेसबुक पर किसी भी लड़की की फोटो लगाकर फर्जी आईडी बनाते हैं। इसके बाद अनजान लोगों को फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी जाती है। जो भी इनके जाल में फंसता है, उसे पहले फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत होती है। इसके बाद एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिये जाते हैं। आरोपी फिर लड़की बनकर इनको वीडियो कॉल करते हैं। पहले से रिकॉर्ड किए गए किसी भी लड़की के अश्लील वीडियो को दूसरे मोबाइल की मदद से पीड़ित को दिखाकर उसे भी अश्लील हरकत करने के लिए उकसाया जाता है। बाद में पीड़ित की हरकत को वीडियो कॉल रिकॉर्डर के जरिये रिकॉर्ड कर लिया जाता है। इसके बाद आरोपी खुद को क्राइम ब्रांच और यू-ट्यूब के लीगल अधिकारी बनकर पीड़ित को धमकाते हैं। लीगल एक्शन और बदनाम करने के नाम पर पीड़ितों से ऑन लाइन मोटी रकम मांगी जाती है। ज्यादातर पीड़ित इनके जाल में फंसकर लाखों रुपये की रकम दे देते हैं।
मामले की छानबीन कर रहे अधिकारी की मानें तो नगर गांव के अलावा आसपास के कई गांवों के लोगों का सेक्सटॉर्शन का धंधा है। पहले सभी एटीएम-क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करते थे। लेकिन उसमें अब लोग ज्यादा सावधान हो गए हैं तो धंधा कम चल रहा था। सेक्सटॉर्शन के जाल में कोई भी आसानी से फंस जाता है। चूंकि गांव का हर शख्स ठगी के धंधे में है तो पुलिस की भनक लगते ही पूरे गांव में इसकी खबर फैला दी जाती थी। पुलिस गांव पहुंचकर किसी को पकड़ भी लेती थी तो ग्रामीण इसका भारी विरोध कर उसे छुड़ा लेते थे। वहां आनन-फानन में ही गिरफ्तार कर आरोपी को लाना होता था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि लोकल पुलिस की ग्रामीणों से मिलीभगत रहती है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।