शहर में सीवर पानी को शोधित करने के लिए बने दोनों ट्रीटमेंट प्लांट को निजी कंपनियां संभालेंगी। इसके लिए जीएमडीए ने कंपनी को 8.18 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। पानी को शोधित करने के बाद ही ड्रेन में डाला जाएगा। इस दौरान मशीनों के रखरखाव का खर्च भी कंपनी को वहन करना होगा। यह कंपनियां तीन साल तक दोनों ट्रीटमेंट प्लांट को ऑपरेट करेंगी।
शहर के बहरामपुर व धनवापुर में दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। इन प्लांटों से सीवर के पानी को शोधित करने के उपरांत ही नजफगढ़ ड्रेन में भेजा जाता है। दोनों प्लांट के रखरखाव का जिम्मा पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और अब जीएमडीए के अंतर्गत था।
जीएमडीए ने अब यहां पानी शोधित करने व इसके रखरखाव करने व प्लांट के आसपास हरियाली करने के लिए निजी कंपनी को सौंपा है। मैसर्स रहमान बिल्डर को दोनों प्लांट का जिम्मा दिया गया है। धनवापुर 68 एमएलडी एसटीपी के लिए 4.64 करोड़ रुपये तथा बहरामपुर 50 एमएलडी प्लांट के लिए 3.54 करोड़ रुपये का टेंडर किया गया है।
कार्यकारी अभियंता राजेश बंसल ने बताया कि कार्य के आदेश जारी कर दिए गए हैं। तीन साल तक यही कंपनी रखरखाव करेगी। एनजीटी के आदेशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। जीएमडीए की टीम कार्य का निरीक्षण करेगी।