सीबीआई की विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को सहारनपुर डाक विभाग में हुए लाखों के घोटाले के मामले में दो असिस्टेंट पोस्ट मास्टर समेत पांच अभियुक्तों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ अभियुक्तों पर अलग-अलग जुर्माना लगाया है। जबकि दो आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
सीबीआई के लोक अभियोजक अनुराग मोदी ने बताया कि वर्ष 2005-06 में बीच सहारनपुर के डाक विभाग के कार्यालय में एमआईएस (मंथली इनकम स्कीम ) के तहत 33 लोगों ने खाते खुलवाए थे। इन खातों में हेराफेरी होने की सूचना सीबीआई को मिली थी, जिसके बाद जांच की गई।
जांच में सीबीआई ने पाया कि दो असिस्टेंट पोस्ट मास्टरों समेत सात लोगों ने एमआईएस के खातों ने 38 लाख 80 हजार रुपये का घोटाला किया था। इसके बाद सीबीआई ने असिस्टेंट पोस्ट मास्टर कन्हैया लाल शर्मा व ब्रज भूषण पाल, डाक सहायक अमर सिंह, लोकेश कुमार गुप्ता, राज कुमार त्यागी, प्रेम कुमार निवासी सहारनपुर को आरोपी बनाते हुए साल 2006 में एफआईआर दर्ज की थी।
इसके बाद ही सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी। इस मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर असिस्टेंट पोस्ट मास्टर कन्हैया लाल शर्मा, असिस्टेंट पोस्ट मास्टर ब्रज भूषण पाल, डाक सहायक अमर सिंह, लोकेश कुमार और प्रेम कुमार त्यागी को दोषी करार दिया, जिन्हें सात-सात साल की सजा सुनाई।
अभियुक्त प्रेम कुमार पर पांच लाख 60 हजार रुपये और अन्य चार दोषी अभियुक्तों पर चार लाख 60 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा अभियुक्त मनोज कुमार गुप्ता और राज कुमार त्यागी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।