दिल्ली के उपराज्यपाल निवास यानि राजनिवास से कुछ मीटर की दूरी पर जहां दिल्ली सरकार के तीन कैबिनेट मंत्री भी रहते हैं, यानि दिल्ली के सबसे पॉश माने जाने वाले सिविल लाइंस इलाके में एक वरिष्ठ नौकरशाह खुले मेनहोल में गिर गए।
अधिकारी को कई चोटें आईं हैं साथ ही उनका पैर टूट गया है। फिलहाल उन्हें प्लास्टर लगा हुआ है और बिस्तर पर हैं। दिल्ली के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित इलाके में लापरवाही का शिकार हुए वीसी पांडे कला व संस्कृति मंत्रालय में सचिव हैं।
हालांकि उन्होंने इसकी लिखित शिकायत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पीडब्लूडी मंत्री सतेंद्र जैन से की है। वीसी पांडे ने बताया कि बुधवार को सुबह टहलने के दौरान वह इस दुर्घटना के शिकार हुए।
पांडे के मुताबिक मॉर्निंग वॉक के दौरान वो अचानक इस खुले मेनहोल में गिर पड़े जिससे उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया और उनके हाथ में भी कई चोटें आईं।
'जान से धो बैठते हाथ'
वरिष्ठ नौकरशाह वीसी पांडे इस घटना के लिए एनडीएमसी को जिम्मेदार मानते हैं। घायल नौकरशाह का कहना है कि मेनहोल को खुला छोड़ देना एनडीएमसी की लापरवाही और आम जनता की सुरक्षा की अनदेखी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
वीसी पांडे का आरोप है कि जब दिल्ली के पहले नागरिक के निवास यानि राजनिवास के घर के पास और सिविल लाइंस में यह आलम है तो दिल्ली के बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा इसकी बस कल्पना ही की जा सकती है।
पांडे का कहना है कि दिल्ली पैदल चलने वालों के लिए बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। वह कहते हैं कि अगर दिल्ली में बरसात हो रही होती तो इस दुर्घटना में उनकी जान भी जा सकती थी।
नई मुसीबत में फंसे स्वास्थ्य मंत्री
पांडे ने बताया कि बात सिर्फ मेनहोल का खुला होना ही मुद्दा नहीं है। इस इलाके में अगर स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था होती तो भी इस दुर्घटना से बचा जा सकता था। अंधेरा होने की वजह से ही वह इस खुले मेनहोल को नहीं देख सके और गिर पड़े।
मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने पूछा है कि आखिर इस दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? इसमें मेरी जान भी सकती थी या मुझे और भी गंभीर चोट लग सकती थी।
ऐसे में इस घटना की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाना चाहिए। देखना ये है कि डेंगू से जूझ रहे स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन इस नई मुसीबत से कैसे निपटते हैं। (फोटो व स्टोरी साभार: Indian express)