माता-पिता की हो चुकी है मौत
करोल बाग निवासी पीड़िता अपने भाई के साथ रहती है। माता-पिता की मौत हो चुकी है। भाई का प्रॉपर्टी बेचने-खरीदने के अलावा मोटा किराया आता है। वर्ष 2003 में पीड़िता के पिता ने उसकी शादी के लिए एक किलो सोने की ईंट खरीदी थी। इसके अलावा सोने व हीरे के जेवरात भी तैयार करवाकर रखे थे।
सहमति संबंध में रहते थे दोनों
करीब दो साल पहले पीड़िता की मुलाकात नीतिश वर्मा से हुई। नीतिश का ज्वेलरी बनाने का काम था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और नीतिश पीड़िता के साथ सहमति से संबंध में भी रहने लगा। भाई ने फरवरी 2024 में दोनों की मंगनी कर दी। पीड़िता के साथ घर पर रहने के दौरान नीतिश ने उसके घर से एक करोड़ से ज्यादा के आभूषण तीन सोने के भारी सेट, चार हीरों के सेट, सोने की अंगूठियां, चूड़ियां, कड़े और चांदी के सामान चोरी कर लिए। शक होने के बाद भी उसने नजरअंदाज कर दिया। पुलिस ने अगस्त 2024 में मामला दर्ज कर लिया। दोनों साथ रहते रहे। 18 अगस्त 2025 को दोनों की शादी होनी थी। पीड़िता ने नए जेवरात बनवाने के लिए चोरी छिपे निशान लगाकर एक किलो सोने की ईंट दे दी। नीतिश ईंट लेकर गया और बाद में उसके नकली होने का दावा करने लगा।
असली सोने की ईंट की जगह नकली लेकर पहुंचा
पीड़िता ने उसे वापस बुलवा लिया। आरोपी ईंट लेकर पहुंचा तो पीड़िता को पता चला कि आरोपी ने असली की जगह नकली ईंट रखी हुई थी। पीड़िता का शक यकीन में बदल गया। उसने आरोपी से सख्ती से बात की। पुलिस से शिकायत करने की बात पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
नीतिश ने खरीद लिए कई प्लॉट...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सोने की ईंट को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर अलग-अलग ज्वेलर को बेच दिया। इससे आए पैसों से सबसे पहले उसने 42 लाख का देहरादून में प्लॉट खरीदा। इसके अलावा 80 लाख रुपये उसने अपने माता-पिता को दिए। इसकी मदद से दिल्ली, देहरादून, मसूरी और हरिद्वार में प्रॉपर्टी खरीदी गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ आभूषणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।