- एयरपोर्ट पर कार्गो की जांच, निगरानी और सुरक्षित आवाजाही को व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा प्रबंधन
शनि पाथौली
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) पर बढ़ते हवाई कार्गो कारोबार को देखते हुए ट्रांसशिपमेंट सामान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए कॉमन ट्रांसशिपमेंट कार्गो सिक्योरिटी होल्ड एरिया (टीसीएसएचए) विकसित किया जाएगा। इसके तहत जरूरी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस क्षेत्र में उस कार्गो को सुरक्षित रखा जाएगा, जिसे एक विमान से उतारकर दूसरे विमान से उसके अगले गंतव्य तक भेजा जाना है।
ट्रांसशिपमेंट कार्गो वह सामान होता है, जो अपने अंतिम गंतव्य तक सीधे नहीं पहुंचता। रास्ते में किसी एयरपोर्ट पर विमान बदलने के दौरान इसे कुछ समय के लिए सुरक्षित रखना पड़ता है। ऐसे में सामान की निगरानी, सुरक्षा और अधिकृत तरीके से उसकी आवाजाही महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रस्तावित टीसीएसएचए इसी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करेगा।
बढ़ते कार्गो कारोबार के बीच जरूरत बढ़ी
दिल्ली एयरपोर्ट देश के प्रमुख हवाई कार्गो केंद्रों में शामिल है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आईजीआई पर करीब 11.09 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभाला गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 10.6 प्रतिशत अधिक था। एयरपोर्ट की सालाना कार्गो क्षमता करीब 18 लाख टन है। यहां दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, औद्योगिक उत्पाद और ई-कॉमर्स से जुड़े माल समेत कई तरह के सामान की आवाजाही होती है। कार्गो कारोबार बढ़ने के साथ ट्रांसशिपमेंट की जरूरत भी बढ़ रही है।
सुरक्षा जांच के बाद सुरक्षित रखा जाएगा सामान
टीसीएसएचए में ट्रांसफर या ट्रांजिट कार्गो को सुरक्षित क्षेत्र में रखा जाएगा, ताकि उस तक अनधिकृत लोगों की पहुंच न हो। पिछले वर्ष नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने ट्रांसशिपमेंट कार्गो की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया था। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर ट्रांजिट कार्गो की दोबारा सुरक्षा जांच से राहत दी गई थी। इसके लिए समर्पित सुरक्षा होल्ड क्षेत्र की जरूरत बताई गई थी। नई व्यवस्था में विमान से कार्गो को सुरक्षा कर्मचारियों की निगरानी में निर्धारित होल्ड क्षेत्र तक पहुंचाना और वहां से दूसरे विमान तक ले जाना अहम होगा।
कार्गो को बार-बार संभालने की जरूरत होगी कम
टीसीएसएचए के लिए तैयार होने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर कार्गो की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करेगा। इससे विमान से उतरने के बाद माल को अलग-अलग चरणों में संभालने की प्रक्रिया आसान होगी। सुरक्षा निगरानी के साथ उसे तय क्षेत्र में रखने और दूसरे विमान तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे माल को समय पर आगे भेजने में मदद मिलेगी और व्यापारियों के लिए प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए टर्मिनलों का फर्श भी बदलेगा
एयरपोर्ट टर्मिनलों में एपॉक्सी टेराजो फ्लोरिंग भी की जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों और एयरपोर्ट संचालन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की आवाजाही को सुगम बनाना है। टर्मिनलों में सामान की ट्रॉली, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण लगातार चलते हैं। नई फ्लोरिंग से इनकी आवाजाही के लिए बेहतर सतह उपलब्ध कराने की योजना है।