भाजपा नेता कपिल मिश्रा को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने का मामला मंगलवार को सियासी गलियारों में चर्चा में रहा। विपक्षियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मौजपुर चौक पर प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण का इनाम देते हुए कपिल मिश्रा को सुरक्षा दी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और कपिल मिश्रा ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया है।
कपिल मिश्रा का कहना है कि उनको करीब दो साल पहले वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। इसका एक बार रिव्यू भी किया जा चुका है, लेकिन अब तक विरोधियों का ध्यान इस तरफ नहीं गया था। सुरक्षा के मामले को इस वक्त लोग बेवजह तूल दे रहे हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस का भी कहना है कि कपिल मिश्रा को इस वक्त कोई सुरक्षा दिल्ली पुलिस की तरफ से नहीं दी गई है।
गौरतलब है कि मौजपुर चौक पर प्रदर्शन के दौरान कपिल मिश्रा का एक विडियो सामने आया था। इसमें वे पुलिस को तीन दिन में सड़क खुलवाने का अल्टीमेटम देते नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि अभी वे शांति से लौट रहे हैं, लेकिन तीन दिन बाद अगर पुलिस ने रास्ता नहीं खुलवाया तो खुद सड़कों पर उतरेंगे। इसके बाद ही उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी। विपक्ष का आरोप था कि कपिल मिश्रा के इस भड़काऊ भाषण के चलते ही दंगे की आग भड़की थी। उधर, कपिल मिश्रा का कहना है कि सड़क खुलवाने की बात करना कहीं से भी भड़काऊ नहीं है।