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देश विरोधी नारों के बाद जेएनयू  कैंपस बना एकता और अखंडता का प्रतीक

Tue, 03 Mar 2020 10:56 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में नौ फरवरी 2016 को बेशक देश विरोधी नारे और कश्मीर की आजादी के नारे लगे थे, लेकिन इसी घटना के बाद विश्वविद्यालय कैंपस एकता और अखंडता का प्रतीक भी बना है। जेएनयू कैंपस में इस घटना के बाद तिरंगा फहराया गया। इसके अलावा पहली बार एनसीसी गर्ल्स कैडेट ने कुलपति को मार्च पास्ट में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया है। यह बातें छात्रों और शिक्षकों ने कैंपस में आयोजित  9 फरवरी का सच विषय पर आयोजित आम चर्चा में कहीं।  

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जेएनयू कैंपस के साबरमती ढाबे पर आयोजित इस चर्चा का आयोजन विवि की एबीवीपी इकाई ने किया था। एबीवीपी के पूर्व छात्रसंघ के संयुक्त सचिव व पूर्व छात्र सौरभ शर्मा ने कहा कि इस घटना से देशभर में बवाल हुआ था। इस मौके पर वक्ताओं ने उस समय के विश्वविद्यालय प्रशासन पदाधिकारियों पर भी सवाल उठाए कि कैसे आतंकी अफजल गुरू की बरसी के कार्यक्रम की अनुमति दे दी गयी थी? एबीवीपी अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने कहा कि 9 फरवरी के साजिशकर्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा आगे बढ़ना, विद्यार्थी परिषद के संघर्ष की जीत है। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है कि जीत देश के साथ खड़े होने वाले लोगों की होगी। 

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