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एम्स में सुरक्षा गार्डों का 'गुंडा राज': अस्पताल में फिर किया बवाल, डॉक्टरों से बदसलूकी; मरीज भी हुए परेशान

Mon, 22 Jul 2024 09:34 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र में मौजूद स्टाफ ने बताया कि एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र एचआईवी/एड्स (पीएलएचआईवी) से पीड़ित व्यक्तियों को देखभाल, सहायता और उपचार की सेवाएं देता है। सोमवार को गार्ड यहां आए और उक्त जगह को खाली करने की मांग की। 
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एम्स में सुरक्षा गार्डों का गुंडा राज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स दिल्ली में सोमवार को सुरक्षा गार्डों ने फिर बवाल किया। आरोप है कि एम्स के एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र में जगह को खाली करवाने के लिए गार्ड पहुंचे। यहां आने के बाद उन्होंने सामान इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान केंद्र में मौजूद स्टाफ व डॉक्टरों के साथ बदसलूकी भी की। 

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केंद्र में मौजूद स्टाफ ने बताया कि एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र एचआईवी/एड्स (पीएलएचआईवी) से पीड़ित व्यक्तियों को देखभाल, सहायता और उपचार की सेवाएं देता है। सोमवार को गार्ड यहां आए और उक्त जगह को खाली करने की मांग की। गार्ड को बताया गया कि एम्स प्रशासन से कुछ समय की मांग की गई है, लेकिन गार्ड से सामान को फेंकना शुरू कर दिया। 

इस दौरान कुछ गार्ड लाठी भी लेकर पहुंचे और उन्होंने डॉक्टरों के साथ बहस भी की। वहीं केंद्र में दवा लेने पहुंचे एक मरीज ने बताया कि उनकी फाइल केंद्र में भी। जब वह अंदर पहुंचे तो सुरक्षा गार्ड सब फेंक रहे थे। इस घटना के बाद उन्हें अपनी फाइल ही नहीं मिल रही है। बिना फाइल के इलाज करवाना मुश्किल हो सकता है। वहीं इस घटना के संबंध में एम्स प्रशासन कुछ भी बोलने से बच रहा है।
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क्या है पूरा मामला
केंद्र ने एक हिस्सा जन औषधि केंद्र बनाने के लिए दिया गया है। पिछले माह ही मुफ्त दवा देने के लिए मौजूदा कंपनी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया है। साथ ही जन औषधि केंद्र की जगह भी बदली गई है। नई जगह के तहत अब इस केंद्र में जन औषधि केंद्र खोला जाना है। हालांकि एआरटी सेंटर ने जगह खाली करने के लिए समय मांगा है। सेंटर कर कहना है कि यहां पर एचआईवी मरीजों का इलाज किया जाता है। इनके लिए विकल्प तलाशने में थोड़ा समय लग रहा है। ऐसे में जगह खाली करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए।
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