अमर उजाला के 6 अक्तूबर, 1979 के अंक में छपी खबर के अनुसार, तत्कालीन पीएम चरण सिंह चाहते थे कि 1980 के चुनाव के लिए बहुगुणा अपनी पार्टी सीएफडी को लोकदल में मिला लें। उस समय केंद्र में गठबंधन सरकार थी। बहुगुणा ने पत्र को पढ़ा और अलमारी के ताले में बंद कर दिया। पत्रकारों के पत्र के बारे में पूछे जाने पर बहुगुणा ने कहा कि उन्होंने इसे अलमारी में बंद कर दिया है। उन्होंने कसम खा ली है कि वह इसके बारे में किसी को नहीं बताएंगे। इसमें क्या-क्या शर्तें थी इस बात का राज उस पत्र में दफन है।