नोएडा में सेक्टर 50 व 54 के पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को नई तकनीक में कनवर्ट करने का काम छह माह पहले ही पूरा हो जाएगा। साथ ही सेक्टर-54 की क्षमता भी दोगुनी हो जाएगी।
सेक्टर-54 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपफ्लो स्लज ब्लैंकेट (यूएसबी) से सीक्वेंसियल बंच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक में तब्दील कर क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है।
इसकी क्षमता 27 एमएलडी है। इसका सिविल से जुड़ा कार्य चल रहा है, जो कि मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद उपकरणों को लगाने का काम शुरू होगा। इससे इस प्लांट की क्षमता बढ़कर 54 एमएलडी हो जाएगी। यह कार्य दिसंबर तक पूरा कर जनवरी से इसे चालू करने की योजना है।
दूसरी ओर यूएसबी तकनीक पर बने सेक्टर 50 केएसटीपी को भी एसबीआर तकनीक में कनवर्ट करने पर काम चल रहा है। 34 एमएलडी क्षमता के इस प्रोजेक्ट के तय समय से पहले पूरा होने के आसार हैं। इसकी क्षमता 34 एमएलडी ही रहेगी।
वहीं, सेक्टर 168 में नवनिर्मित एसटीपी का ट्रायल चल रहा है। अगले 15 दिनों में ट्रायल पूरा हो जाएगा। उसके बाद इस प्लांट से शोधित सीवेज में टीडीएस की मात्रा 10 मिलीग्राम से भी कम रहने की उम्मीद है।