नई दिल्ली। कलाकार दीपेंद्रनाथ पाल की एकल कला प्रदर्शनी ‘पैलिम्प्सेस्ट ऑफ द सोल’ त्रिवेणी कला संगम में 15 अक्तूबर से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी उत्तर कोलकाता की पुरानी इमारतों और उनकी जर्जर होती दीवारों को समकालीन अमूर्त कला के माध्यम से प्रस्तुत करती है। पाल ने दीवारों की बदलती सतहों से स्मृतियों, पहचान और समय का प्रभाव दर्शाया है। उनकी कलाकृतियां पुरानी इमारतों में बीते समय के अनुभवों की छाप दिखाती हैं।
प्रदर्शनी में पारंपरिक शिल्प और समकालीन कला का मेल है। कलाकार ने लकड़ी के बुरादे और इमली के बीजों से बने बाइंडर जैसी सामग्रियों का प्रयोग किया है। इसका उद्घाटन राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक संजीव किशोर गौतम ने किया। यह प्रदर्शनी त्रिवेणी गैलरी में 24 अक्तूबर तक सुबह 11 बजे से रात 8 बजे के बीच देखी जा सकती है। संवाद