8 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत को लेकर सवाल खड़े किए थे।
इतना ही नहीं कोर्ट ने विधायक ओपी शर्मा और निगम पार्षद गुंजन गुप्ता को भी आड़े हाथों लिया। अदालत ने कहा कि आपने मुख्यमंत्री के खिलाफ ड्राइव के दौरान नारेबाजी क्यों की। आप सीएम या पीएम के खिलाफ अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते।