छह माह में 6500 प्रॉपर्टी हुईं सील
मास्टर प्लान 2021 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने और निगरानी समिति गठित करने के बाद से दिल्ली में सीलिंग का दंश व्यापारी झेल रहे हैं। करीब दो माह से व्यापारियों को राहत मिली हुई थी। इससे पहले छह माह में समिति ने विभिन्न क्षेत्रों को मिलाकर करीब 6500 प्रॉपर्टी को सील किया है।
सामान हटाने के लिए दे रहे हैं समय
समिति के एक सदस्य ने बताया कि नगर निगम के जरिए व्यापारियों को नोटिस भेजने की वजह समय देना है। अभी तक व्यापारियों की शिकायत थी कि उन्हें मोहलत नहीं दी गई। इसलिए कमेटी ने 48 घंटे की मोहलत देते हुए प्रॉपर्टी खाली कराने के निर्देश निगम के जरिए दिलवाना शुरू कर दिया है। इसके बाद भी अगर कोई व्यापारी प्रॉपर्टी खाली नहीं करता है तो भी सीलिंग की जाएगी।
त्रिनगर में 8000 फैक्ट्रियों पर तलवार
उत्तरी निगम क्षेत्र में आने वाले त्रिनगर में सीलिंग का सबसे ज्यादा खौफ देखने को मिल रहा है। यहां 8000 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। करीब 5000 फैक्ट्रियों को अब तक नोटिस मिल चुका है। रिहायशी इलाकों का हवाला देते हुए यहां सीलिंग शुरू की जा रही है।
वहीं समिति के सदस्य का कहना है कि यह इलाका मास्टर प्लान में रिहायशी और औद्योगिक मिश्रित भूमि इस्तेमाल में आता है, लेकिन मनमानी तरीके से अन्य बाजार की तरह यहां भी अवैध तरीके से फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। उधर व्यापारियों का कहना है कि इन फैक्ट्रियों में करीब 80 हजार मजदूर वर्ग काम करता है। सीलिंग से व्यापारियों के अलावा मजदूर भी मुसीबत में आएंगे।