खास बात यह कि प्राधिकरण का कहना है कि इस अधिगृहीत जमीन का मुआवजा भी दिया जा चुका है। इस संबंध में 2017 में भूमाफियाओं की जो लिस्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। उसमें आठवें नंबर पर रवींद्र कुमार का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि यह इमारत भी उसी की ओर से बनाई जा रही थी।
सीलिंग के बाद किसी ने नहीं किया संपर्क
नोएडा प्राधिकरण की सीलिंग की कार्रवाई के बाद किसी ने अभी संपर्क नहीं किया है। यही नहीं किसी निवेशक ने भी अभी तक संपर्क नहीं किया है। लिहाजा, यह कहना मुश्किल है कि किसी ने फ्लैट की बुकिंग कराई थी या नहीं।
70 से 80 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की है जमीन
जिस जगह पर नोएडा प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की है। वहां की जमीन 70 से 80 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की बताई जा रही है। हालांकि, यह पूरी तरह से अवैध निर्माण है। रेट को लेकर कुछ अंतर भी हो सकता है।