मोंठ के एसडीएम का एक वीडियो शुक्रवार को खासा चर्चा में रहा। इसमें वह पराली जलाने पर मुकदमा दर्ज किए जाने से नाराज किसानों को समझा रहे हैं। वीडियो में वह किसानों से यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि आम जनता ही सरकार को चुनती है और चुनी हुई सरकार नियम कानून बनाकर उसका पालन प्रशासनिक अधिकारी से करवाती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अगर किसी को लगता है कि उसकी बात को सरकार नहीं सुन रही है तो चुनाव के जरिए सरकार बदलने का काम भी किया जा सकता है।
वीडियो में वह कह रहे हैं कि कोई किसान पराली न जलाए। सरकार के आदेश के अनुपालन में पराली जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जब किसानों ने सरकार के खिलाफ बोलना शुरू किया तो एसडीएम यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसानों को अपने क्षेत्र के विधायक और मंत्रियों के पास अपनी बात रखना चाहिए।
इस संबंध में भाजपा नेता एवं किसानों की अगुवाई कर रहे सुरजीत राजपूत ने कहा कि एसडीएम किसानों को समझा रहे थे और उनसे संवाद कर रहे थे, उनकी मंशा सरकार के खिलाफ बोलने की नहीं थी। उधर, एसडीएम अतुल कुमार ने कहा है कि उन्होंने सरकार के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। किसानों से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार पराली जलाना गैर-कानूनी है।