दिल्ली-एनसीआर को लगातार दूसरे दिन दमघोंटू हवा से राहत नहीं मिली। हालांकि बीते 24 घंटे के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गिरावट दर्ज की गई, बावजूद इसके हवा गंभीर श्रेणी से बाहर नहीं निकल पाई।
गाजियाबाद 433 एक्यूआई के साथ एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 421 रहा। उधर, राजधानी में बृहस्पतिवार के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक 44 अंक सुधरकर 406 दर्ज किया गया। फरीदाबाद एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि गुरुग्राम में हवा गंभीर श्रेणी से निकल बेहद खराब में पहुंच गई। यहां एक्यूआई 392 दर्ज किया गया।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की करीब 3,225 घटनाएं दर्ज की गईं। इससे प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 21 फ़ीसदी रहा, जबकि एक दिन पहले 42 फीसदी था। प्रदूषक तत्वों में शामिल पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर में सुधार देखने को मिला है।
बृहस्पतिवार को जहां पीएम-10 का स्तर 498 था, वहीं शुक्रवार को 381 रहा। इसी तरह पीएम-2.5 का स्तर 336 से 231 तक पहुंच गया। सफर के अनुसार, शुक्रवार को हवा का रुख उत्तरी दिशा की ओर होने के कारण दिल्ली में हवा में मामूली सुधार दिखा है, हालांकि स्थिति अभी भी गंभीर है।
अभी नहीं मिलेगी निजात, घरों में ही रहें
सफर के मुताबिक, आगामी दिनों में हवा का स्तर गंभीर श्रेणी से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है, लेकिन यह तय है कि लंबे समय तक लोगों को प्रदूषण से निजात नहीं मिलेगी। इसको देखते हुए जरूरी काम होने पर ही घरों से निकलें। इसके साथ ही सुबह और शाम की सैर बंद करने की सलाह दी है और बच्चे, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को विशेष एहतियात बरतने के लिए कहा है।
एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर
गाजियाबाद 433
ग्रेटर नोएडा 421
फरीदाबाद 415
दिल्ली 406
नोएडा 406
गुरुग्राम 392
देश के सबसे प्रदूषित शहर
फतेहाबाद 466
मुरादाबाद 457
लखनऊ 447
कानपुर 441
गाजियाबाद 433
(एक्यूआई, सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे)